Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.157.33: मैंने सब प्रकार के सुख भोग लिए, मन को प्रसन्न करने वाले पदार्थ प्राप्त कर लिए, उत्तम धर्म का अनुष्ठान पूर्ण कर लिया और आपको प्रिय संतान भी प्राप्त कर ली। अब यदि मैं मर भी जाऊँ, तो भी मुझे इससे कोई दुःख नहीं होगा ॥ 33॥ | mahabharat अध्याय 1.157: ब्राह्मणीका स्वयं मरनेके लिये उद्यत होकर पतिसे जीवित रहनेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैंने सब प्रकार के सुख भोग लिए, मन को प्रसन्न करने वाले पदार्थ प्राप्त कर लिए, उत्तम धर्म का अनुष्ठान पूर्ण कर लिया और आपको प्रिय संतान भी प्राप्त कर ली। अब यदि मैं मर भी जाऊँ, तो भी मुझे इससे कोई दुःख नहीं होगा ॥ 33॥
I have enjoyed all kinds of pleasures, obtained things that pleased my heart, completed the rituals of great religion and also obtained children dear to you. Now even if I die, I will not be saddened by that. ॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥