Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.157.30: आर्य! अतः आप कृपा करके मेरा इच्छित कार्य पूर्ण करें और स्वयं प्रयत्न करके इस संकट से अपनी रक्षा करें। कृपया मुझे राक्षस के पास जाकर अपने दोनों बालकों का पालन-पोषण करने की अनुमति प्रदान करें॥30॥ | mahabharat अध्याय 1.157: ब्राह्मणीका स्वयं मरनेके लिये उद्यत होकर पतिसे जीवित रहनेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स कुरुष्व मया कार्यं तारयात्मानमात्मना।
अनुजानीहि मामार्य सुतौ मे परिपालय॥ ३०॥
अनुवाद
आर्य! अतः आप कृपा करके मेरा इच्छित कार्य पूर्ण करें और स्वयं प्रयत्न करके इस संकट से अपनी रक्षा करें। कृपया मुझे राक्षस के पास जाकर अपने दोनों बालकों का पालन-पोषण करने की अनुमति प्रदान करें॥30॥
Arya! Therefore, please accomplish the task desired by me and save yourself from this danger by making efforts yourself. Please allow me to go to the demon and take care of my two children. ॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥