Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.157.29: यदि एक ओर सम्पूर्ण कुल हो और दूसरी ओर उस कुल को बढ़ाने वाला शरीर हो, तो दोनों की तुलना करने पर सम्पूर्ण कुल उस शरीर के बराबर नहीं हो सकता; ऐसा विद्वानों का निष्कर्ष है ॥29॥ | mahabharat अध्याय 1.157: ब्राह्मणीका स्वयं मरनेके लिये उद्यत होकर पतिसे जीवित रहनेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एकतो वा कुलं कृत्स्नमात्मा वा कुलवर्धन:।
न समं सर्वमेवेति बुधानामेष निश्चय:॥ २९॥
अनुवाद
यदि एक ओर सम्पूर्ण कुल हो और दूसरी ओर उस कुल को बढ़ाने वाला शरीर हो, तो दोनों की तुलना करने पर सम्पूर्ण कुल उस शरीर के बराबर नहीं हो सकता; ऐसा विद्वानों का निष्कर्ष है ॥29॥
If on one side there is a complete clan and on the other side there is a body which increases that clan, then on comparing the two, the entire clan cannot be equal to that body; this is the conclusion of the learned. ॥ 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥