Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.157.24: यदि स्त्री सदैव अपने पति के कल्याण के लिए तत्पर रहती है, तो यह उसके लिए अनेक महान यज्ञों, तपों, नियमों और विविध प्रकार के दानों से भी श्रेष्ठ है। | mahabharat अध्याय 1.157: ब्राह्मणीका स्वयं मरनेके लिये उद्यत होकर पतिसे जीवित रहनेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि स्त्री सदैव अपने पति के कल्याण के लिए तत्पर रहती है, तो यह उसके लिए अनेक महान यज्ञों, तपों, नियमों और विविध प्रकार के दानों से भी श्रेष्ठ है।
If a woman is always devoted to the welfare of her husband, then this is better for her than many great sacrifices, austerities, rules and various kinds of donations. 24.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥