Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.156.28: अरे! जिस स्थान पर तुम्हारे वृद्ध माता-पिता, बड़े भाई-बन्धु आदि बहुत समय पहले स्वर्ग चले गए थे, उसी स्थान पर रहने की इतनी आसक्ति क्यों है?॥ 28॥ | mahabharat अध्याय 1.156: ब्राह्मणपरिवारका कष्ट दूर करनेके लिये कुन्तीकी भीमसेनसे बातचीत तथा ब्राह्मणके चिन्तापूर्ण उद्गार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्वर्गतोऽपि पिता वृद्धस्तथा माता चिरं तव।
बान्धवा भूतपूर्वाश्च तत्र वासे तु का रति:॥ २८॥
अनुवाद
अरे! जिस स्थान पर तुम्हारे वृद्ध माता-पिता, बड़े भाई-बन्धु आदि बहुत समय पहले स्वर्ग चले गए थे, उसी स्थान पर रहने की इतनी आसक्ति क्यों है?॥ 28॥
Oh! Why is there this attachment to live in the same place where your old parents and your elder brothers and relatives left for heaven a long time ago?॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥