Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.156.26: हे ब्राह्मणी, तुम यह अच्छी तरह जानती हो कि पहले मैंने तुम्हारे साथ ऐसे स्थान पर चलने का प्रयत्न किया था, जहाँ हमें हर प्रकार से लाभ हो; किन्तु उस समय तुमने मेरी बात नहीं सुनी। | mahabharat अध्याय 1.156: ब्राह्मणपरिवारका कष्ट दूर करनेके लिये कुन्तीकी भीमसेनसे बातचीत तथा ब्राह्मणके चिन्तापूर्ण उद्गार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे ब्राह्मणी, तुम यह अच्छी तरह जानती हो कि पहले मैंने तुम्हारे साथ ऐसे स्थान पर चलने का प्रयत्न किया था, जहाँ हमें हर प्रकार से लाभ हो; किन्तु उस समय तुमने मेरी बात नहीं सुनी।
O Brahmin woman, you know it well that earlier I had tried to accompany you to a place where we would be benefited in every way; but at that time you did not listen to me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥