Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.156.14: "पिताजी! सच्चा मनुष्य वही है जिस पर किया गया उपकार तब तक व्यर्थ नहीं जाता जब तक उसका बदला न चुकाया जाए, और यही उसका पुरुषत्व और मानवता है कि) दूसरा मनुष्य उस पर जो भी उपकार करता है, वह उससे भी अधिक उसका बदला चुकाता है॥14॥ | mahabharat अध्याय 1.156: ब्राह्मणपरिवारका कष्ट दूर करनेके लिये कुन्तीकी भीमसेनसे बातचीत तथा ब्राह्मणके चिन्तापूर्ण उद्गार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
"पिताजी! सच्चा मनुष्य वही है जिस पर किया गया उपकार तब तक व्यर्थ नहीं जाता जब तक उसका बदला न चुकाया जाए, और यही उसका पुरुषत्व और मानवता है कि) दूसरा मनुष्य उस पर जो भी उपकार करता है, वह उससे भी अधिक उसका बदला चुकाता है॥14॥
"Father! He is a true man to whom a favour done to him does not go waste unless he is repaid, and this is his manliness and humanity that) whatever favour another man does to him, he repays that man even more than that.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥