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श्लोक  1.156.10 
रोरूयमाणांस्तान् दृष्ट्वा परिदेवयतश्च सा।
कारुण्यात् साधुभावाच्च कुन्ती राजन् न चक्षमे॥ १०॥
 
 
अनुवाद
राजा! उस ब्राह्मण परिवार के लोगों को रोते-बिलखते देखकर, अपनी महान दयालुता और साधु स्वभाव के कारण, कुन्ती देवी यह सहन न कर सकीं।
 
King! Seeing the people of that Brahmin family crying and lamenting a lot, Kunti Devi, due to her great kindness and saintly nature, could not tolerate it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)