Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.155.10: मैं तुम लोगों का प्रेमपूर्वक कल्याण करना चाहता हूँ। अतः मेरी बात सुनो। इस सुन्दर नगरी में जो पास में है, रोग का भय नहीं है। अतः तुम सब यहीं छिपे रहो और मेरे लौटने की प्रतीक्षा करो॥ 10॥ | mahabharat अध्याय 1.155: पाण्डवोंको व्यासजीका दर्शन और उनका एकचक्रा नगरीमें प्रवेश । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं तुम लोगों का प्रेमपूर्वक कल्याण करना चाहता हूँ। अतः मेरी बात सुनो। इस सुन्दर नगरी में जो पास में है, रोग का भय नहीं है। अतः तुम सब यहीं छिपे रहो और मेरे लौटने की प्रतीक्षा करो॥ 10॥
I want to do good to you people with love. So listen to me. There is no fear of disease in this beautiful city which is nearby. So all of you stay hidden here and wait for my return.॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥