Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.154.d3-d4: हिडिम्बा बोली - (आर्यपुत्र!) आपके दर्शन मात्र से मैं कामदेव की दासी हो गई हूँ और अपने भाई के क्रूर वचनों की उपेक्षा करके आपके पीछे चल पड़ी हूँ। उस भयानक राक्षस पर आपके द्वारा किया गया पराक्रम मैंने अपनी आँखों से देखा है; अतः मैं दासी आपके शरीर की सेवा करना चाहती हूँ।   |   mahabharat अध्याय 1.154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति  »  श्लोक d3-d4
 
 
श्लोक  1.154.d3-d4 
हिडिम्बोवाच
अहं ते दर्शनादेव मन्मथस्य वशं गता।
क्रूरं भ्रातृवचो हित्वा सा त्वामेवानुरुन्धती॥
राक्षसे रौद्रसंकाशे तवापश्यं विचेष्टितम्।
अहं शुश्रूषुरिच्छेयं तव गात्रं निषेवितुम्॥ )
 
 
अनुवाद
हिडिम्बा बोली - (आर्यपुत्र!) आपके दर्शन मात्र से मैं कामदेव की दासी हो गई हूँ और अपने भाई के क्रूर वचनों की उपेक्षा करके आपके पीछे चल पड़ी हूँ। उस भयानक राक्षस पर आपके द्वारा किया गया पराक्रम मैंने अपनी आँखों से देखा है; अतः मैं दासी आपके शरीर की सेवा करना चाहती हूँ।
 
Hidimba said - (Aryaputra!) By merely seeing you I have become subservient to Kamadeva and ignoring the cruel words of my brother I started following you. I have seen with my own eyes the valour you have displayed on that terrifying demon; hence I, the maidservant, want to serve your body.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)