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mahabharat 1.154.6: 'मैंने उचित समय की प्रतीक्षा करते हुए उस महान दुःख को सहन किया है। अब वह समय आ गया है। मुझे आशा है कि मुझे इच्छित सुख प्राप्त होगा।॥6॥   |   mahabharat अध्याय 1.154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.154.6 
सोढं तत् परमं दु:खं मया कालप्रतीक्षया।
सोऽयमभ्यागत: कालो भविता मे सुखोदय:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
'मैंने उचित समय की प्रतीक्षा करते हुए उस महान दुःख को सहन किया है। अब वह समय आ गया है। मुझे आशा है कि मुझे इच्छित सुख प्राप्त होगा।॥6॥
 
'I have endured that great sorrow while waiting for the right time. Now that time has come. I hope I will get the desired happiness.॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)