Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.154.5: 'आर्य! आप जानते हैं कि इस संसार में काम के कारण स्त्रियों को कितनी पीड़ा होती है। शुभ! कामदेव द्वारा दी गई वही पीड़ा मुझे आपके पुत्र भीमसेन से मिली है।'   |   mahabharat अध्याय 1.154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.154.5 
आर्ये जानासि यद् दु:खमिह स्त्रीणामनङ्गजम्।
तदिदं मामनुप्राप्तं भीमसेनकृतं शुभे॥ ५॥
 
 
अनुवाद
'आर्य! आप जानते हैं कि इस संसार में काम के कारण स्त्रियों को कितनी पीड़ा होती है। शुभ! कामदेव द्वारा दी गई वही पीड़ा मुझे आपके पुत्र भीमसेन से मिली है।'
 
'Arya! You know the pain that women suffer in this world due to lust. Shubh! I have received the same pain caused by Kamadeva from your son Bhimasena. 5.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)