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mahabharat 1.154.38: बालक की माता ने भीमसेन से कहा, ‘इसका सिर उत्कच है अर्थात् केशविहीन है।’ उसके इस कथन के कारण उसका नाम घटोत्कच रखा गया।   |   mahabharat अध्याय 1.154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  1.154.38 
घटो हास्योत्कच इति माता तं प्रत्यभाषत।
अब्रवीत् तेन नामास्य घटोत्कच इति स्म ह॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
बालक की माता ने भीमसेन से कहा, ‘इसका सिर उत्कच है अर्थात् केशविहीन है।’ उसके इस कथन के कारण उसका नाम घटोत्कच रखा गया।
 
The child's mother said to Bhimasena, 'His head is Utkacha* i.e. hairless.' Due to this statement of hers, he was named Ghatotkacha. 38.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)