Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.154.37: उस महान धनुर्धर बालक ने जन्म लेते ही अपने माता-पिता के चरणों में प्रणाम किया। उसके सिर पर बाल नहीं थे। उस समय उसके माता-पिता ने उसका यह नाम रखा। 37. | mahabharat अध्याय 1.154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रणम्य विकच: पादावगृह्णात् स पितुस्तदा।
मातुश्च परमेष्वासस्तौ च नामास्य चक्रतु:॥ ३७॥
अनुवाद
उस महान धनुर्धर बालक ने जन्म लेते ही अपने माता-पिता के चरणों में प्रणाम किया। उसके सिर पर बाल नहीं थे। उस समय उसके माता-पिता ने उसका यह नाम रखा। 37.
As soon as that great archer boy was born, he bowed down to the feet of his father and mother. He had no hair on his head. At that time his father and mother named him thus. 37.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥