Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.154.36: राक्षसियाँ जब गर्भ धारण करती हैं, तो तुरन्त ही जन्म दे देती हैं। वे इच्छानुसार कोई भी रूप धारण कर सकती हैं और नाना प्रकार से अपना रूप बदल सकती हैं ॥36॥ | mahabharat अध्याय 1.154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राक्षसियाँ जब गर्भ धारण करती हैं, तो तुरन्त ही जन्म दे देती हैं। वे इच्छानुसार कोई भी रूप धारण कर सकती हैं और नाना प्रकार से अपना रूप बदल सकती हैं ॥36॥
When the demonesses conceive a child, they give birth immediately. They are capable of assuming any form at will and of changing their form in various ways. ॥ 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥