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mahabharat 1.154.35: हे राजन! यद्यपि वह बालक था, फिर भी मनुष्यों में वह युवक के समान दिखाई देता था। उस बलवान योद्धा ने समस्त अस्त्र-शस्त्रों में महान् निपुणता प्राप्त कर ली थी।   |   mahabharat अध्याय 1.154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  1.154.35 
बालोऽपि यौवनं प्राप्तो मानुषेषु विशाम्पते।
सर्वास्त्रेषु परं वीर: प्रकर्षमगमद् बली॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! यद्यपि वह बालक था, फिर भी मनुष्यों में वह युवक के समान दिखाई देता था। उस बलवान योद्धा ने समस्त अस्त्र-शस्त्रों में महान् निपुणता प्राप्त कर ली थी।
 
King! Though he was a child in age, he appeared like a youth among men. That strong warrior had acquired great proficiency in all the weapons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)