Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.154.34: यद्यपि वह मनुष्य रूप में जन्मा था, फिर भी उसका रूप और बल अमानवीय था। उसकी गति भयानक और शक्ति अपार थी। वह अन्य भूत-प्रेतों और राक्षसों से कहीं अधिक शक्तिशाली था। 34. | mahabharat अध्याय 1.154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद्यपि वह मनुष्य रूप में जन्मा था, फिर भी उसका रूप और बल अमानवीय था। उसकी गति भयानक और शक्ति अपार थी। वह अन्य भूत-प्रेतों और राक्षसों से कहीं अधिक शक्तिशाली था। 34.
Although he was born a human being, his appearance and strength were inhuman. His speed was terrifying and his power was great. He was much more powerful than other ghosts and demons. 34.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥