Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.154.31: कुछ समय पश्चात् उस राक्षसी ने भीमसेन से एक अत्यन्त शक्तिशाली पुत्र को जन्म दिया, जिसके नेत्र भयंकर थे, मुख विशाल था और कान शंकु के समान थे। वह देखने में अत्यन्त भयानक प्रतीत होता था। | mahabharat अध्याय 1.154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुछ समय पश्चात् उस राक्षसी ने भीमसेन से एक अत्यन्त शक्तिशाली पुत्र को जन्म दिया, जिसके नेत्र भयंकर थे, मुख विशाल था और कान शंकु के समान थे। वह देखने में अत्यन्त भयानक प्रतीत होता था।
After some time, the demoness gave birth to a very powerful son from Bhimasena, whose eyes were fierce, face was huge and ears were like cones. He appeared very scary to look at. 31.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥