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mahabharat 1.154.16: युधिष्ठिर ने कहा- हिडिम्बे! तुम जो कुछ कह रही हो, वह सत्य है; इसमें कोई संदेह नहीं है। परंतु सुमध्यमे! तुम मेरे कहे अनुसार सत्य पर अडिग रहो॥ 16॥   |   mahabharat अध्याय 1.154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.154.16 
युधिष्ठिर उवाच
एवमेतद् यथाऽऽत्थ त्वं हिडिम्बे नात्र संशय:।
स्थातव्यं तु त्वया सत्ये यथा ब्रूयां सुमध्यमे॥ १६॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने कहा- हिडिम्बे! तुम जो कुछ कह रही हो, वह सत्य है; इसमें कोई संदेह नहीं है। परंतु सुमध्यमे! तुम मेरे कहे अनुसार सत्य पर अडिग रहो॥ 16॥
 
Yudhishthira said- Hidimbe! Whatever you are saying is correct; there is no doubt about it. But Sumadhyme! You should remain steadfast on the truth as I say.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)