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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.153.7 
क्रूरबुद्धेरहं तस्य वचनादागता त्विह।
अद्राक्षं नवहेमाभं तव पुत्रं महाबलम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
उसका मन क्रूरता से भरा हुआ है। उसके कहने पर मैं यहाँ आया और मेरी दृष्टि आपके पराक्रमी पुत्र पर पड़ी, जिसकी कान्ति नवीन स्वर्ण के समान है। 7.
 
His mind is full of cruelty. At his behest I came here and my eyes fell on your mighty son who has the radiance of new gold. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)