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mahabharat 1.153.4: 'यदि तुम इस वन की देवी या अप्सरा हो, तो मुझे सब कुछ विस्तारपूर्वक बताओ; यह भी बताओ कि तुम यहाँ क्यों खड़ी हो?'॥4॥   |   mahabharat अध्याय 1.153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.153.4 
यदि वास्य वनस्य त्वं देवता यदि वाप्सरा:।
आचक्ष्व मम तत् सर्वं किमर्थं चेह तिष्ठसि॥ ४॥
 
 
अनुवाद
'यदि तुम इस वन की देवी या अप्सरा हो, तो मुझे सब कुछ विस्तारपूर्वक बताओ; यह भी बताओ कि तुम यहाँ क्यों खड़ी हो?'॥4॥
 
'If you are the goddess or nymph of this forest, then tell me everything in detail; also tell me why you are standing here?'॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)