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mahabharat 1.153.36: तब पांडवों के सभी महारथी योद्धाओं ने कहा, "ठीक है, हम ऐसा ही करते हैं।" वे अपनी माता के साथ वहाँ से चले गए। राक्षसी हिडिम्बा भी उनके साथ थी।   |   mahabharat अध्याय 1.153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  1.153.36 
तत: सर्वे तथेत्युक्त्वा सह मात्रा महारथा:।
प्रययु: पुरुषव्याघ्रा हिडिम्बा चैव राक्षसी॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
तब पांडवों के सभी महारथी योद्धाओं ने कहा, "ठीक है, हम ऐसा ही करते हैं।" वे अपनी माता के साथ वहाँ से चले गए। राक्षसी हिडिम्बा भी उनके साथ थी।
 
Then all the mighty warriors of the Pandavas said, "Okay, let us do so." They left the place with their mother. The demoness Hidimba also accompanied them.
 
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि हिडिम्बवधपर्वणि हिडिम्बवधे त्रिपञ्चाशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १५३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत हिडिम्बवधपर्वमें हिडिम्बासुरके वधसे सम्बन्ध रखनेवाला एक सौ तिरपनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १५३॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)