Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.153.35: 'प्रभु! मैं समझ गया हूँ कि नगर इस वन से अधिक दूर नहीं है। आपका कल्याण हो। अब हम शीघ्र चलें, जिससे दुर्योधन को हमारा पता न चल सके।'॥35॥   |   mahabharat अध्याय 1.153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  1.153.35 
न दूरं नगरं मन्ये वनादस्मादहं विभो।
शीघ्रं गच्छाम भद्रं ते न नो विद्यात् सुयोधन:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
'प्रभु! मैं समझ गया हूँ कि नगर इस वन से अधिक दूर नहीं है। आपका कल्याण हो। अब हम शीघ्र चलें, जिससे दुर्योधन को हमारा पता न चल सके।'॥35॥
 
'Prabhu! I understand that the city is not far from this forest. May you be blessed. Now let us leave quickly so that Duryodhan does not find our whereabouts.'॥ 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)