Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.153.27: हे राक्षस! आज मैं तुम्हारा वध करके इस वन को विघ्नों से रहित और मंगलमय बना दूँगा, जिससे तुम फिर मनुष्यों को मारकर खा न सकोगे। | mahabharat अध्याय 1.153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्षेममद्य करिष्यामि यथा वनमकण्टकम्।
न पुनर्मानुषान् हत्वा भक्षयिष्यसि राक्षस॥ २७॥
अनुवाद
हे राक्षस! आज मैं तुम्हारा वध करके इस वन को विघ्नों से रहित और मंगलमय बना दूँगा, जिससे तुम फिर मनुष्यों को मारकर खा न सकोगे।
O demon! By killing you today I will make this forest free from obstacles and auspiciousness, so that you will not be able to kill and eat humans again. 27.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥