Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.153.26: इसके बाद भीम ने राक्षस से कहा - हे रात्रि-राक्षस! तू व्यर्थ ही व्यर्थ के मांस खाकर बड़ा हुआ है। तेरी बुद्धि भी व्यर्थ है। अतः तू व्यर्थ ही मृत्यु का अधिकारी है। इसीलिए आज तेरा जीवन व्यर्थ ही समाप्त होगा (युद्ध में मरने के कारण तू स्वर्ग और यश से वंचित हो जाएगा)॥26॥ | mahabharat अध्याय 1.153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीम उवाच
वृथामांसैर्वृथापुष्टो वृथावृद्धो वृथामति:।
वृथामरणमर्हस्त्वं वृथाद्य न भविष्यसि॥ २६॥
अनुवाद
इसके बाद भीम ने राक्षस से कहा - हे रात्रि-राक्षस! तू व्यर्थ ही व्यर्थ के मांस खाकर बड़ा हुआ है। तेरी बुद्धि भी व्यर्थ है। अतः तू व्यर्थ ही मृत्यु का अधिकारी है। इसीलिए आज तेरा जीवन व्यर्थ ही समाप्त होगा (युद्ध में मरने के कारण तू स्वर्ग और यश से वंचित हो जाएगा)॥26॥
After this Bhima said to the demon - Oh night-demon! You have grown up in vain by getting nourished with useless meat. Your intelligence is also useless. Hence you deserve a useless death. That is why today you will end your life in vain (due to death in a combat you will be deprived of heaven and fame).॥26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥