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श्लोक  1.153.20 
भीम उवाच
उदासीनो निरीक्षस्व न कार्य: सम्भ्रमस्त्वया।
न जात्वयं पुनर्जीवेन्मद्‍बाह्वन्तरमागत:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन बोले- अर्जुन! बिना किसी पक्षपात के चुपचाप देखते रहो। तुम्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह राक्षस मेरी भुजाओं के बीच आकर कभी जीवित नहीं बच सकता।
 
Bhimasena said- Arjun! Keep watching silently without any bias. You need not be afraid. This demon can never survive after coming between my arms.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)