Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.153.20: भीमसेन बोले- अर्जुन! बिना किसी पक्षपात के चुपचाप देखते रहो। तुम्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह राक्षस मेरी भुजाओं के बीच आकर कभी जीवित नहीं बच सकता। | mahabharat अध्याय 1.153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीम उवाच
उदासीनो निरीक्षस्व न कार्य: सम्भ्रमस्त्वया।
न जात्वयं पुनर्जीवेन्मद्बाह्वन्तरमागत:॥ २०॥
अनुवाद
भीमसेन बोले- अर्जुन! बिना किसी पक्षपात के चुपचाप देखते रहो। तुम्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह राक्षस मेरी भुजाओं के बीच आकर कभी जीवित नहीं बच सकता।
Bhimasena said- Arjun! Keep watching silently without any bias. You need not be afraid. This demon can never survive after coming between my arms.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥