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mahabharat 1.153.16: दोनों के शरीर पृथ्वी की धूल से ढके हुए थे। दोनों पर्वतों के समान विशाल थे। उस समय वे दोनों कोहरे से ढके हुए दो पर्वतों के समान शोभायमान हो रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 1.153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.153.16 
वसुधारेणुसंवीतौ वसुधाधरसंनिभौ।
बभ्राजतुर्यथा शैलौ नीहारेणाभिसंवृतौ॥ १६॥
 
 
अनुवाद
दोनों के शरीर पृथ्वी की धूल से ढके हुए थे। दोनों पर्वतों के समान विशाल थे। उस समय वे दोनों कोहरे से ढके हुए दो पर्वतों के समान शोभायमान हो रहे थे।
 
The bodies of both were covered in the dust of the earth. Both were huge like mountains. At that time, both of them were looking beautiful like two mountains covered in fog. 16.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)