Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.153.12: देखो, मनुष्य और राक्षस दोनों ही युद्ध में अपना-अपना पराक्रम दिखाते हुए बड़े जोर से गर्जना कर रहे हैं और बड़े जोर से एक-दूसरे से जूझ रहे हैं और एक-दूसरे को अपनी ओर खींच रहे हैं॥12॥ | mahabharat अध्याय 1.153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विकर्षन्तौ महावेगौ गर्जमानौ परस्परम्।
पश्यैवं युधि विक्रान्तावेतौ च नरराक्षसौ॥ १२॥
अनुवाद
देखो, मनुष्य और राक्षस दोनों ही युद्ध में अपना-अपना पराक्रम दिखाते हुए बड़े जोर से गर्जना कर रहे हैं और बड़े जोर से एक-दूसरे से जूझ रहे हैं और एक-दूसरे को अपनी ओर खींच रहे हैं॥12॥
Look, both the human and the demon, displaying their prowess in battle, are roaring loudly and are grappling with each other with great force and are pulling each other towards themselves.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥