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mahabharat 1.153.10: यह जानकर कि मुझे लौटने में विलम्ब हो जाएगा, वह नरभक्षी राक्षस स्वयं आपके इन सब पुत्रों को मारने आया है॥10॥   |   mahabharat अध्याय 1.153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 153: हिडिम्बाका कुन्ती आदिसे अपना मनोभाव प्रकट करना तथा भीमसेनके द्वारा हिडिम्बासुरका वध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.153.10 
चिरायमाणां मां ज्ञात्वा तत: स पुरुषादक:।
स्वयमेवागतो हन्तुमिमान् सर्वांस्तवात्मजान्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
यह जानकर कि मुझे लौटने में विलम्ब हो जाएगा, वह नरभक्षी राक्षस स्वयं आपके इन सब पुत्रों को मारने आया है॥10॥
 
Knowing that I would be late in returning, the man-eating demon himself came to kill all these sons of yours.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)