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mahabharat 1.152.9: मेरी भुजाओं को देखो, जो हाथी की सूँड़ के समान मोटी और सुन्दर हैं। मेरी जाँघें परिघ के पैरों के समान हैं और मेरी विशाल छाती दृढ़ और सुगठित है॥9॥   |   mahabharat अध्याय 1.152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.152.9 
पश्य बाहू सुवृत्तौ मे हस्तिहस्तनिभाविमौ।
ऊरू परिघसंकाशौ संहतं चाप्युरो महत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
मेरी भुजाओं को देखो, जो हाथी की सूँड़ के समान मोटी और सुन्दर हैं। मेरी जाँघें परिघ के पैरों के समान हैं और मेरी विशाल छाती दृढ़ और सुगठित है॥9॥
 
Look at my arms which are as thick and beautiful as an elephant's trunk. My thighs are like the feet of a Parigha and my huge chest is firm and well-built.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)