श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.152.6 
प्रबोधयैतान् संसुप्तान् मातरं च परंतप।
सर्वानेव गमिष्यामि गृहीत्वा वो विहायसा॥ ६॥
 
 
अनुवाद
परंतप! इन सोए हुए भाइयों और माता को भी जगा दो। मैं तुम्हारे साथ आकाश में उड़ जाऊँगा।॥6॥
 
‘Parantapa! Please wake up these sleeping brothers and mother as well. I will fly with you all through the sky.’॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)