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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध
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श्लोक 5
श्लोक
1.152.5
अहं कामगमा वीर रक्षोबलसमन्विता।
आरुहेमां मम श्रोणिं नेष्यामि त्वां विहायसा॥ ५॥
अनुवाद
'वीर! मैं अपनी इच्छानुसार गति कर सकता हूँ, मुझमें राक्षसों का पूरा बल है। तुम मेरी कमर या पीठ पर बैठो। मैं तुम्हें आकाश मार्ग से ले जाऊँगा।॥5॥
‘Veer! I can move as per my wish, I have the full strength of the demons. You sit on my waist or back. I will take you through the sky.॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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