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mahabharat 1.152.45: उन दोनों की भारी गर्जना से मातासहित पुरुषश्रेष्ठ पाण्डव जाग उठे और उन्होंने देखा कि हिडिम्बा उनके सामने खड़ी है॥45॥   |   mahabharat अध्याय 1.152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  1.152.45 
तयो: शब्देन महता विबुद्धास्ते नरर्षभा:।
सह मात्रा च ददृशुर्हिडिम्बामग्रत: स्थिताम्॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
उन दोनों की भारी गर्जना से मातासहित पुरुषश्रेष्ठ पाण्डव जाग उठे और उन्होंने देखा कि हिडिम्बा उनके सामने खड़ी है॥45॥
 
Due to the heavy roar of both of them, the best of men Pandavas along with their mother woke up and saw Hidimba standing in front of them. 45॥
 
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि हिडिम्बवधपर्वणि हिडिम्बयुद्धे द्विपञ्चाशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १५२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत हिडिम्बवधपर्वमें हिडिम्ब-युद्धविषयक एक सौ बावनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १५२॥

(दाक्षिणात्य अधिक पाठके ५ श्लोक मिलाकर कुल ५० श्लोक हैं)
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)