श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  1.152.43 
अन्योन्यं तौ समासाद्य विचकर्षतुरोजसा।
हिडिम्बो भीमसेनश्च विक्रमं चक्रतु: परम्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
फिर वे दोनों आपस में उलझ गए और एक-दूसरे को बलपूर्वक खींचने लगे। हिडिम्ब और भीमसेन दोनों ने महान पराक्रम दिखाया। 43.
 
Then both of them got entangled with each other and started pulling each other forcefully. Both Hidimba and Bhimasena displayed great valour. 43.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)