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mahabharat 1.152.4: (देखो,) यह दुष्टात्मा नरभक्षी राक्षस क्रोध में भरकर इधर ही आ रहा है; इसलिए तुम और तुम्हारे भाईगण, मैं जो कहूँ वैसा ही करो॥4॥   |   mahabharat अध्याय 1.152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.152.4 
आपतत्येष दुष्टात्मा संक्रुद्ध: पुरुषादक:।
साहं त्वां भ्रातृभि: सार्धं यद् ब्रवीमि तथा कुरु॥ ४॥
 
 
अनुवाद
(देखो,) यह दुष्टात्मा नरभक्षी राक्षस क्रोध में भरकर इधर ही आ रहा है; इसलिए तुम और तुम्हारे भाईगण, मैं जो कहूँ वैसा ही करो॥4॥
 
‘(Look,) this evil-spirited cannibal Rakshasa is coming this way, filled with rage; therefore, you and your brothers, do as I tell you.॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)