vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध
»
श्लोक 4
श्लोक
1.152.4
आपतत्येष दुष्टात्मा संक्रुद्ध: पुरुषादक:।
साहं त्वां भ्रातृभि: सार्धं यद् ब्रवीमि तथा कुरु॥ ४॥
अनुवाद
(देखो,) यह दुष्टात्मा नरभक्षी राक्षस क्रोध में भरकर इधर ही आ रहा है; इसलिए तुम और तुम्हारे भाईगण, मैं जो कहूँ वैसा ही करो॥4॥
‘(Look,) this evil-spirited cannibal Rakshasa is coming this way, filled with rage; therefore, you and your brothers, do as I tell you.॥ 4॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd