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mahabharat 1.152.32: 'हे राक्षस! जिस प्रकार सिंह पर्वताकार विशाल हाथी को घसीटता है, उसी प्रकार आज तुम्हारी बहन अपनी आँखों से तुम्हें मेरे द्वारा बार-बार घसीटते हुए देखेगी।   |   mahabharat अध्याय 1.152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  1.152.32 
अद्य त्वां भगिनी रक्ष: कृष्यमाणं मयासकृत्।
द्रक्ष्यत्यद्रिप्रतीकाशं सिंहेनेव महाद्विपम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
'हे राक्षस! जिस प्रकार सिंह पर्वताकार विशाल हाथी को घसीटता है, उसी प्रकार आज तुम्हारी बहन अपनी आँखों से तुम्हें मेरे द्वारा बार-बार घसीटते हुए देखेगी।
 
'O demon! Just as a lion drags a huge elephant of mountainous proportions, in the same way your sister will see you being dragged by me again and again today with her own eyes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)