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mahabharat 1.152.25: 'यह भोली स्त्री अपने आप पर नियंत्रण नहीं रखती। अपने शरीर में विचरण करने वाले प्रेमरूपी भगवान् के प्रेम से प्रेरित होकर यह आज ही मुझे अपना पति बनाना चाहती है।॥ 25॥   |   mahabharat अध्याय 1.152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  1.152.25 
न हीयं स्ववशा बाला कामयत्यद्य मामिह।
चोदितैषा ह्यनङ्गेन शरीरान्तरचारिणा॥ २५॥
 
 
अनुवाद
'यह भोली स्त्री अपने आप पर नियंत्रण नहीं रखती। अपने शरीर में विचरण करने वाले प्रेमरूपी भगवान् के प्रेम से प्रेरित होकर यह आज ही मुझे अपना पति बनाना चाहती है।॥ 25॥
 
'This innocent woman is not in control of herself. Inspired by the love of God of love roaming inside her body, she wants to make me her husband today.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)