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mahabharat 1.152.15: उसे ऐसे सुन्दर और मनोहर मानव रूप में देखकर राक्षस के मन में संदेह हुआ कि क्या वह किसी पुरुष से विवाह करना चाहती होगी। ऐसा विचार मन में आते ही वह क्रोधित हो उठा॥15॥   |   mahabharat अध्याय 1.152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.152.15 
तां तथा मानुषं रूपं बिभ्रतीं सुमनोहरम्।
पुंस्कामां शङ्कमानश्च चुक्रोध पुरुषादक:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
उसे ऐसे सुन्दर और मनोहर मानव रूप में देखकर राक्षस के मन में संदेह हुआ कि क्या वह किसी पुरुष से विवाह करना चाहती होगी। ऐसा विचार मन में आते ही वह क्रोधित हो उठा॥15॥
 
Seeing her in such a beautiful and charming human form, the demon doubted whether she might want to marry a man. As soon as this thought came to his mind, he became enraged.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)