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mahabharat 1.152.11: हिडिम्बा बोली - हे नरश्रेष्ठ! आपका रूप तो सचमुच देवताओं जैसा है। मैं आपका तिरस्कार नहीं करती। मैं ऐसा इसलिए कह रही थी क्योंकि मैंने मनुष्यों पर इस राक्षस का प्रभाव (कई बार) देखा है। 11.   |   mahabharat अध्याय 1.152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 152: हिडिम्बका आना, हिडिम्बाका उससे भयभीत होना और भीम तथा हिडिम्बासुरका युद्ध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.152.11 
हिडिम्बोवाच
नावमन्ये नरव्याघ्र त्वामहं देवरूपिणम्।
दृष्टप्रभावस्तु मया मानुषेष्वेव राक्षस:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
हिडिम्बा बोली - हे नरश्रेष्ठ! आपका रूप तो सचमुच देवताओं जैसा है। मैं आपका तिरस्कार नहीं करती। मैं ऐसा इसलिए कह रही थी क्योंकि मैंने मनुष्यों पर इस राक्षस का प्रभाव (कई बार) देखा है। 11.
 
Hidimba said - O best of men! Your form is indeed like that of a god. I do not despise you. I was saying this because I have seen (many times) the effect of this demon on humans. 11.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)