Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.151.d2-31: भीमसेन बोले, "हे राक्षसी! ये मेरे बड़े भाई हैं, जो मेरे परम पूज्य गुरु हैं। इनका अभी विवाह नहीं हुआ है, अतः मैं किसी भी प्रकार से तुमसे विवाह करके गुरु नहीं बनना चाहता। ऐसा कौन पुरुष है, जो इस संसार में सर्वशक्तिमान होते हुए भी इन भाइयों, माता और बड़े भाई को शान्तिपूर्वक सोते हुए, असुरक्षित छोड़कर चला जाए?" | mahabharat अध्याय 1.151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीमसेन बोले, "हे राक्षसी! ये मेरे बड़े भाई हैं, जो मेरे परम पूज्य गुरु हैं। इनका अभी विवाह नहीं हुआ है, अतः मैं किसी भी प्रकार से तुमसे विवाह करके गुरु नहीं बनना चाहता। ऐसा कौन पुरुष है, जो इस संसार में सर्वशक्तिमान होते हुए भी इन भाइयों, माता और बड़े भाई को शान्तिपूर्वक सोते हुए, असुरक्षित छोड़कर चला जाए?"
Bhimasena said, "O demoness! This is my elder brother, who is my most respected teacher. He has not married yet, so I do not want to marry you and become a master in any way. Who is the man who, despite being all powerful in this world, can leave these brothers, mother and elder brother sleeping peacefully, unprotected and go away?"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥