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mahabharat 1.151.7: मनुष्य शरीर पाकर उसे बड़ी प्रसन्नता हुई। उस महाबली राक्षस ने मनुष्य की गंध पाकर अपनी बहन से इस प्रकार कहा : 7॥   |   mahabharat अध्याय 1.151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.151.7 
हृष्टो मानुषमांसस्य महाकायो महाबल:।
आघ्राय मानुषं गन्धं भगिनीमिदमब्रवीत्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
मनुष्य शरीर पाकर उसे बड़ी प्रसन्नता हुई। उस महाबली राक्षस ने मनुष्य की गंध पाकर अपनी बहन से इस प्रकार कहा : 7॥
 
He felt great joy at the prospect of finding human flesh. That mighty giant demon, smelling the smell of a human being, said to his sister thus: 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)