Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.151.32: मेरे समान कौन काम से पीड़ित मनुष्य इन सोए हुए भाइयों और माता को राक्षसों का आहार बनाकर (अन्यत्र) चला जा सकता है?॥32॥   |   mahabharat अध्याय 1.151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  1.151.32 
को हि सुप्तानिमान् भ्रातॄन् दत्त्वा राक्षसभोजनम्।
मातरं च नरो गच्छेत् कामार्त इव मद्विध:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
मेरे समान कौन काम से पीड़ित मनुष्य इन सोए हुए भाइयों और माता को राक्षसों का आहार बनाकर (अन्यत्र) चला जा सकता है?॥32॥
 
Who like me, like a man tormented by lust, can make these sleeping brothers and mother food for the demons and go away (elsewhere)? ॥ 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)