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mahabharat 1.151.29: महाबाहो! मैं इस नरभक्षी राक्षस से तुम्हारी रक्षा करूँगी। हम दोनों पर्वतों की दुर्गम गुफाओं में रहेंगे। अनघ! तुम मेरे पति बनो।   |   mahabharat अध्याय 1.151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  1.151.29 
त्रास्यामि त्वां महाबाहो राक्षसात् पुरुषादकात्।
वत्स्यावो गिरिदुर्गेषु भर्ता भव ममानघ॥ २९॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! मैं इस नरभक्षी राक्षस से तुम्हारी रक्षा करूँगी। हम दोनों पर्वतों की दुर्गम गुफाओं में रहेंगे। अनघ! तुम मेरे पति बनो।
 
‘Mahabaho! I will protect you from this cannibal demon. We both will live in the inaccessible caves of the mountains. Anagh! You become my husband.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)