Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.151.2: वह बहुत क्रूर और मानव मांस खाने वाला था। उसकी शक्ति और वीरता अपार थी। वह बरसात के बादल की तरह काला था। उसकी आँखें भूरी थीं और क्रूरता उसके शरीर से टपक रही थी।   |   mahabharat अध्याय 1.151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.151.2 
क्रूरो मानुषमांसादो महावीर्यपराक्रम:।
प्रावृड्जलधरश्याम: पिङ्गाक्षो दारुणाकृति:॥ २॥
 
 
अनुवाद
वह बहुत क्रूर और मानव मांस खाने वाला था। उसकी शक्ति और वीरता अपार थी। वह बरसात के बादल की तरह काला था। उसकी आँखें भूरी थीं और क्रूरता उसके शरीर से टपक रही थी।
 
He was very cruel and a human flesh eater. His strength and valour were great. He was black like a rainy season cloud. His eyes were brown and cruelty was dripping from his figure.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)