Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.151.15-16: हे भरतश्रेष्ठ! उस समय जब हिडिम्ब ने वन में ऐसा कहा, तब हिडिम्ब अपने भाई की आज्ञा मानकर बड़ी शीघ्रता से उस स्थान पर गई जहाँ पाण्डव थे। वहाँ उसने देखा कि पाण्डव सो रहे हैं और कुन्ती तथा भीमसेन, जिन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता था, जाग रहे हैं। | mahabharat अध्याय 1.151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतश्रेष्ठ! उस समय जब हिडिम्ब ने वन में ऐसा कहा, तब हिडिम्ब अपने भाई की आज्ञा मानकर बड़ी शीघ्रता से उस स्थान पर गई जहाँ पाण्डव थे। वहाँ उसने देखा कि पाण्डव सो रहे हैं और कुन्ती तथा भीमसेन, जिन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता था, जाग रहे हैं।
O best of the Bharatas! At that time, when Hidimba said this in the forest, Hidimba obeyed her brother and went in great haste to the place where the Pandavas were. There she saw the Pandavas sleeping with Kunti and Bhimasena, who could not be defeated by anyone, awake.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥