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श्लोक 1.151.12  |
हत्वैतान् मानुषान् सर्वानानयस्व ममान्तिकम्।
अस्मद्विषयसुप्तेभ्यो नैतेभ्यो भयमस्ति ते॥ १२॥ |
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| अनुवाद |
| इन सब मनुष्यों को मारकर मेरे पास ले आओ। ये हमारी सीमा में सो रहे हैं, (इसलिए) ये तुम्हें कुछ भी कष्ट नहीं देते॥12॥ |
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| ‘Kill all these men and bring them to me. They are sleeping within our limits, (therefore) they do not bother you at all.॥ 12॥ |
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