Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.151.11: बहन! जाकर पता लगाओ कि इस जंगल में ये कौन लोग सो रहे हैं? इंसानों की तेज़ गंध से मेरी नाक तृप्त हो जाती है।   |   mahabharat अध्याय 1.151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.151.11 
गच्छ जानीहि के त्वेते शेरते वनमाश्रिता:।
मानुषो बलवान् गन्धो घ्राणं तर्पयतीव मे॥ ११॥
 
 
अनुवाद
बहन! जाकर पता लगाओ कि इस जंगल में ये कौन लोग सो रहे हैं? इंसानों की तेज़ गंध से मेरी नाक तृप्त हो जाती है।
 
Sister! Go and find out who are these people sleeping in this forest. The strong smell of human beings satisfies my nose.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)