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mahabharat 1.151.10: 'मैं उस आदमी की गर्दन पर चढ़ जाऊँगा और उसकी नसें काट डालूँगा और उसका गरम, झागदार और ताज़ा खून जी भरकर पी जाऊँगा।॥10॥   |   mahabharat अध्याय 1.151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 151: हिडिम्बके भेजनेसे हिडिम्बा राक्षसीका पाण्डवोंके पास आना और भीमसेनसे उसका वार्तालाप  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.151.10 
आक्रम्य मानुषं कण्ठमाच्छिद्य धमनीमपि।
उष्णं नवं प्रपास्यामि फेनिलं रुधिरं बहु॥ १०॥
 
 
अनुवाद
'मैं उस आदमी की गर्दन पर चढ़ जाऊँगा और उसकी नसें काट डालूँगा और उसका गरम, झागदार और ताज़ा खून जी भरकर पी जाऊँगा।॥10॥
 
'I will climb upon the man's neck and cut his veins and drink his hot, foamy and fresh blood to my heart's content.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)