Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.150.36: 'दुष्ट बुद्धि वाले धृतराष्ट्र और उसके पुत्रों ने हमें घर से निकाल दिया और जलाने का भी प्रयत्न किया, परन्तु भाग्य की कृपा से हम किसी प्रकार बच गए हैं॥ 36॥ | mahabharat अध्याय 1.150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'दुष्ट बुद्धि वाले धृतराष्ट्र और उसके पुत्रों ने हमें घर से निकाल दिया और जलाने का भी प्रयत्न किया, परन्तु भाग्य की कृपा से हम किसी प्रकार बच गए हैं॥ 36॥
'The evil-minded Dhritarashtra and his sons drove us out of our home and even tried to burn us, but somehow, by the grace of fate we have survived.॥ 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥