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mahabharat 1.150.31: ये दोनों नकुल और सहदेव जो अपनी सुन्दरता के कारण देवताओं में अश्विनीकुमारों के समान प्रतीत होते हैं, आज यहाँ साधारण मनुष्यों के समान भूमि पर लेटे हुए हैं॥31॥   |   mahabharat अध्याय 1.150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  1.150.31 
अश्विनाविव देवानां याविमौ रूपसम्पदा।
तौ प्राकृतवदद्येमौ प्रसुप्तौ धरणीतले॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
ये दोनों नकुल और सहदेव जो अपनी सुन्दरता के कारण देवताओं में अश्विनीकुमारों के समान प्रतीत होते हैं, आज यहाँ साधारण मनुष्यों के समान भूमि पर लेटे हुए हैं॥31॥
 
'These two Nakul and Sahadev who by their beauty appear like the Ashwini Kumars among the gods, are today lying here on the ground like ordinary men.॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)